Jasprit Bumrah Injury
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले बुमराह को घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उतारने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुमराह को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले रणजी ट्रॉफी में एक मुकाबला या इंडिया ए के लिए प्रथम श्रेणी मैच खेलना पड़ सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य उनकी फिटनेस और मैच के लिए तैयार होने की स्थिति को परखना है।
बुमराह की फिटनेस क्यों बनी चिंता?
बुमराह को हाल ही में बाएं घुटने की परेशानी के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर होना पड़ा था। इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में खेली गई वनडे सीरीज के दौरान उन्हें घुटने में परेशानी हुई थी, जिसके बाद वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके।
इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सीरीज में दो मैच खेले थे, लेकिन इसके बाद उनकी फिटनेस को लेकर सावधानी बरती गई। BCCI ने उनकी रिकवरी को प्राथमिकता देते हुए श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए उनके स्थान पर औकिब नबी को टीम में शामिल किया था।
न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले मैच फिटनेस की परीक्षा
बुमराह के लिए रणजी ट्रॉफी मैच का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में गेंदबाजी करने का मौका मिलेगा। सिर्फ नेट्स में गेंदबाजी करना और किसी प्रथम श्रेणी मुकाबले में लंबे स्पेल डालना अलग-अलग परिस्थितियां हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बुमराह को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते। अगर वह फिटनेस साबित करते हैं, तभी उनके टेस्ट सीरीज में खेलने की स्थिति स्पष्ट होगी।
इंडिया ए मैच का विकल्प भी मौजूद
रणजी ट्रॉफी के अलावा बुमराह के लिए इंडिया ए की ओर से प्रथम श्रेणी मैच खेलने का विकल्प भी सामने आया है। हालांकि, न्यूजीलैंड में इंडिया ए के मुकाबले और भारत की वनडे सीरीज के कार्यक्रम के बीच टकराव होने की वजह से यह विकल्प व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में घरेलू रणजी ट्रॉफी मुकाबला बुमराह की मैच फिटनेस जांचने के लिए ज्यादा आसान विकल्प हो सकता है।
करीब एक दशक बाद रणजी में लौट सकते हैं बुमराह
अगर बुमराह रणजी ट्रॉफी में उतरते हैं, तो यह उनके घरेलू प्रथम श्रेणी करियर में लंबे अंतराल के बाद वापसी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने आखिरी बार जनवरी 2017 में गुजरात के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेला था।
BCCI का फोकस सिर्फ वापसी नहीं, फिटनेस पर भी
बुमराह को लेकर BCCI का मौजूदा रुख यह संकेत देता है कि बोर्ड केवल उनकी अंतरराष्ट्रीय वापसी पर ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि उनकी लंबी अवधि की फिटनेस को भी प्राथमिकता दे रहा है।
हाल ही में BCCI ने खिलाड़ियों के वर्कलोड और चोटों को लेकर समीक्षा की है। बोर्ड ने SENA देशों के दौरों से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम, अभ्यास और परिस्थितियों के अनुकूल होने का समय देने की जरूरत पर भी जोर दिया है।