Suryakumar Yadav
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से खास पहचान बनाने वाले सूर्यकुमार यादव ने अपने वनडे करियर को लेकर बड़ा बयान दिया है। भारतीय बल्लेबाज ने अपनी वनडे क्रिकेट में असफलता के लिए किसी बाहरी कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि खुद को इसका जिम्मेदार माना है।
सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि 50 ओवर के क्रिकेट में सफल होने के लिए जिस तरह की तैयारी और मेहनत की जरूरत थी, वह उस स्तर पर नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी माना कि टी20 क्रिकेट में खुद को तैयार करने की तरह वनडे के लिए उन्होंने पर्याप्त मेहनत नहीं की।
शानदार शुरुआत के बाद फीका रहा सूर्यकुमार का वनडे करियर
सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2021 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपनी पहली ही वनडे सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता।
उस शानदार शुरुआत के बाद उम्मीद की जा रही थी कि सूर्यकुमार भारतीय वनडे टीम में भी लंबे समय तक अपनी जगह बनाएंगे। हालांकि, उनका करियर उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका।
सूर्यकुमार ने भारत के लिए 37 वनडे मैचों में 773 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 25.8 रहा और वह सिर्फ चार बार 50 रन का आंकड़ा पार कर सके।
वनडे क्रिकेट में उनकी आखिरी पारी 2023 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी। इस मुकाबले में उन्होंने 28 गेंदों पर 18 रन बनाए थे।
नंबर-5 और नंबर-6 पर बल्लेबाजी करना क्यों चुनौतीपूर्ण है?
सूर्यकुमार यादव ने वनडे क्रिकेट में मध्यक्रम के बल्लेबाज की भूमिका को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया है।
आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान उन्होंने समझाया कि पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी को मैच की स्थिति के अनुसार लगातार अपना खेल बदलना पड़ता है।
अगर टीम शुरुआती विकेट जल्दी गंवा देती है तो मध्यक्रम के बल्लेबाज को लंबे समय तक टिककर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है। वहीं, अगर टीम मजबूत स्थिति में है और पारी के आखिरी ओवर आ जाते हैं तो उसी बल्लेबाज से तेजी से रन बनाने की उम्मीद होती है।
यानी एक ही पारी में बल्लेबाज को अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से अपना तरीका बदलना पड़ता है।
सूर्यकुमार यादव ने कहा- मैं खुद से निराश हूं
सूर्यकुमार ने अपने वनडे करियर को लेकर खुलकर बात की और माना कि वह इस प्रारूप में खुद को स्थापित करने के लिए जरूरी तैयारी नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में मैंने सिर्फ एक टेस्ट खेला और उसमें भी एक ही पारी खेलने का मौका मिला। उसके बाद दूसरे खिलाड़ी वापस आ गए और फिर चीजें आगे नहीं बढ़ पाईं। लेकिन वनडे क्रिकेट को लेकर निश्चित रूप से मैं खुद से निराश हूं। क्योंकि यह भी सफेद गेंद का प्रारूप है। टी20 भी सफेद गेंद का क्रिकेट है और वनडे भी। मैं ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि इस प्रारूप के लिए जितनी मेहनत और तैयारी की जरूरत थी, मैंने उतनी मेहनत नहीं की।”
सूर्यकुमार का यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी असफलता के लिए टीम प्रबंधन, परिस्थितियों या किसी दूसरे खिलाड़ी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने साफ तौर पर अपनी तैयारी को इसके पीछे की एक बड़ी वजह माना।
पत्नी के सवाल ने कराया आत्ममंथन
सूर्यकुमार ने यह भी बताया कि घर पर हुई एक बातचीत ने उन्हें अपने वनडे करियर के बारे में गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया।
उनकी पत्नी ने उनसे सवाल किया था कि क्या वह 50 ओवर के क्रिकेट में इससे ज्यादा हासिल कर सकते थे। इस सवाल ने सूर्यकुमार को अपने प्रदर्शन और तैयारी पर दोबारा विचार करने के लिए प्रेरित किया।
सूर्यकुमार ने माना कि टी20 क्रिकेट में उनकी सफलता के पीछे अतिरिक्त अभ्यास और कड़ी तैयारी की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने इस प्रारूप में अपनी कमियों को समझने और उन्हें सुधारने के लिए अतिरिक्त समय दिया, लेकिन वनडे क्रिकेट में वह उसी स्तर की तैयारी नहीं कर पाए।
FAQs: Surya Kumar Yadav
सूर्यकुमार यादव ने कितने वनडे मैच खेले हैं?
सूर्यकुमार यादव ने भारत के लिए 37 वनडे मैच खेले हैं।
सूर्यकुमार यादव ने वनडे में कितने रन बनाए हैं?
सूर्यकुमार यादव ने 37 वनडे मैचों में 773 रन बनाए हैं।
वनडे क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव का बल्लेबाजी औसत कितना है?
वनडे क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव का बल्लेबाजी औसत 25.8 रहा है।
सूर्यकुमार यादव ने वनडे क्रिकेट में कब पदार्पण किया था?
सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2021 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था।
सूर्यकुमार यादव की आखिरी वनडे पारी कब आई थी?
सूर्यकुमार यादव की आखिरी वनडे पारी 2023 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी।
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