Yashasvi Jaiswal Asitha Fernando clash
दिल्ली: श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान मैदान पर उस समय तनाव बढ़ गया, जब भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच बहस काफी आगे बढ़ गई। दोनों खिलाड़ियों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि साथी खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
विकेट लेने के बाद बढ़ा विवाद
यशस्वी जायसवाल इस मुकाबले में अच्छी लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर दो चौके लगाए और 45 रन के स्कोर तक पहुंच गए थे। इसके बाद फर्नांडो ने जायसवाल को अंदरूनी किनारा लगने के बाद बोल्ड कर दिया।
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विकेट लेने के बाद फर्नांडो ने जायसवाल से कुछ कहा। भारतीय बल्लेबाज पवेलियन की ओर लौटते हुए श्रीलंकाई खिलाड़ियों के समूह के पास पहुंचे और उन्होंने भी जवाब दिया। इसके बाद दोनों के बीच बहस बढ़ गई और मामला शारीरिक संपर्क तक पहुंचता दिखाई दिया।
हालांकि, दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग कर दिया। इस घटना के बाद मैदान पर हुए इस विवाद ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी है।
जायसवाल पर हो सकती है कार्रवाई
यशस्वी जायसवाल की उम्र अभी 24 साल है और इस घटना को लेकर मैच रेफरी की ओर से मामले की समीक्षा की जा सकती है। यदि घटना को ICC की आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है, तो भारतीय बल्लेबाज पर जुर्माना या अन्य सजा लग सकती है।
ICC Article 2.12 क्या कहता है?
ICC की आचार संहिता के Article 2.12 के तहत किसी खिलाड़ी द्वारा विपक्षी खिलाड़ी के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क किए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। इस नियम के दायरे में कई तरह की घटनाएं आती हैं, जैसे:
- जानबूझकर कंधा मारना।
- विपक्षी खिलाड़ी को धक्का देते हुए आगे बढ़ना।
- ऐसी टक्कर, जिसे आसानी से टाला जा सकता था।
- रन लेते समय अनुचित शारीरिक संपर्क।
- ऐसा कोई अन्य अनुचित शारीरिक संपर्क, जो हिंसा की श्रेणी में नहीं आता।
भारतीय क्रिकेट में ऐसा मामला पहले भी देखने को मिला है। 2024 में मेलबर्न टेस्ट के दौरान विराट कोहली पर ऑस्ट्रेलिया के सैम कोंस्टास के साथ कंधे से टकराने के मामले में ICC की आचार संहिता के तहत कार्रवाई हुई थी।
Article 2.18 और 2.19 लागू हो सकते हैं
अगर मैच रेफरी इस घटना को केवल अनुचित शारीरिक संपर्क से ज्यादा गंभीर मानते हैं, तो ICC के Article 2.18 और 2.19 के तहत भी कार्रवाई की संभावना हो सकती है।
Article 2.18 के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति पर शारीरिक हमला करना गंभीर अपराध माना जाता है।
Article 2.19 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान मैदान पर हिंसा से संबंधित है।
इन नियमों के तहत मामला गंभीर स्तर का माना जाता है और दोष साबित होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
क्या सजा हो सकती है?
अगर घटना गंभीर धाराओं के तहत आती है, तो खिलाड़ी को कई मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। उपलब्ध ICC प्रावधानों के अनुसार गंभीर मामलों में टेस्ट मैचों से प्रतिबंध या सीमित ओवरों के मैचों पर लंबा बैन लगाया जा सकता है। सबसे गंभीर मामलों में ICC की आचार संहिता के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई का प्रावधान भी मौजूद है।
हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि जायसवाल के मामले में कोई आधिकारिक चार्ज लगाया जाएगा या नहीं। मैच रेफरी की रिपोर्ट और घटना की समीक्षा के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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