Indian Cricket Team
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) देने के नियमों में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड खिलाड़ियों की मैच उपलब्धता (Match Availability) को भी केंद्रीय अनुबंध के लिए एक महत्वपूर्ण मानदंड बनाने पर चर्चा कर रहा है।
मामले से जुड़े BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बोर्ड के भीतर इस बात पर विचार-विमर्श चल रहा है कि क्या किसी खिलाड़ी को केंद्रीय अनुबंध हासिल करने के लिए सीजन के दौरान एक निश्चित संख्या या प्रतिशत मैचों के लिए उपलब्ध रहना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
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पूरे सीजन पर रखी जा सकती है नजर
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत BCCI पूरे सीजन में खिलाड़ियों की उपलब्धता का रिकॉर्ड देख सकता है। इसके बाद वार्षिक केंद्रीय अनुबंध तैयार करते समय यह भी आकलन किया जा सकता है कि खिलाड़ी कितने मुकाबलों के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहा।
हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि इसके लिए कितने मैच या कुल मैचों का कितना प्रतिशत मानक रखा जाएगा। बोर्ड इस संबंध में एक स्पष्ट फॉर्मूला तैयार करने पर चर्चा कर रहा है।
चोट और खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी बनी वजह
दरअसल, पिछले कुछ समय में चोट और अन्य कारणों से कई भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग मुकाबलों से बाहर रहे हैं। ऐसे में BCCI चाहता है कि फिट खिलाड़ी अधिक से अधिक मुकाबलों के लिए टीम के चयन के लिए उपलब्ध रहें।
BCCI के सूत्र ने कहा, “इस विचार को लेकर चर्चा चल रही है। अगले केंद्रीय अनुबंध के लिए पूरे सीजन में खिलाड़ियों की उपलब्धता पर नजर रखी जा सकती है। इसमें यह तय किया जाएगा कि केंद्रीय अनुबंध हासिल करने के लिए किसी खिलाड़ी को कितने मैचों में उपलब्ध रहना जरूरी होगा।”
अभी अंतिम फैसला नहीं
हालांकि, BCCI ने इस प्रस्ताव को अभी मंजूरी नहीं दी है। बोर्ड पहले यह देखेगा कि इस व्यवस्था को लागू करना व्यावहारिक होगा या नहीं। यानी फिलहाल मैच उपलब्धता को केंद्रीय अनुबंध का अनिवार्य हिस्सा मानना तय नहीं है।
सूत्र ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “फिलहाल इस संबंध में कुछ भी औपचारिक रूप से तय नहीं हुआ है। आगे यह आकलन किया जाएगा कि इस विचार को लागू किया जा सकता है या नहीं।”
अगर BCCI इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो केंद्रीय अनुबंध की प्रक्रिया में एक अहम बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदर्शन और फिटनेस के साथ-साथ खिलाड़ी की पूरे सीजन में टीम के लिए उपलब्धता भी अनुबंध तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।