Mohammed Shami
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) भले ही लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हों, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून अभी भी कम नहीं हुआ है। 36 साल की उम्र में भी शमी अपने खेल को लगातार बेहतर करने और उसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।
हाल ही में शमी ने अपने 100वें फर्स्ट-क्लास मैच (First-Class Match) को यादगार बनाया। उन्होंने ईस्ट जोन (East Zone) की ओर से खेलते हुए साउथ जोन (South Zone) के खिलाफ दलीप ट्रॉफी 2026 (Duleep Trophy 2026) के फाइनल में दो अहम विकेट हासिल किए। ईस्ट जोन ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया।
खुद से प्रेरणा लेना जरूरी
दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने के बाद शमी ने साफ किया कि उनकी नजर सिर्फ इस जीत पर नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने पर है। भारतीय टीम से लंबे समय से बाहर रहने के बावजूद वह वापसी के लिए लगातार खुद को तैयार कर रहे हैं।
“प्रेरित रहने के कई कारण होते हैं, अगर आप उन्हें तलाशें। इस स्तर पर अगर आप खुद से प्रेरित नहीं हैं, तो आपका नजरिया गलत है। आप किसी भी स्तर पर खेल रहे हों, आपकी नजर हमेशा अगले स्तर पर होनी चाहिए।”
टीम इंडिया की जर्सी पहनना ही सबसे बड़ी प्रेरणा
शमी पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (World Test Championship Final) में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ द ओवल में खेला था। हालांकि, लंबे अंतराल के बावजूद उनके भीतर वापसी की इच्छा अभी भी बरकरार है।
फैंस के समर्थन से खुश हैं शमी
भारतीय तेज गेंदबाज ने इस दौरान प्रशंसकों से मिले समर्थन की भी सराहना की। टीम से बाहर रहने के बावजूद फैंस ने शमी पर भरोसा बनाए रखा है। तेज गेंदबाजी में भारत की हालिया चुनौतियों के बीच क्रिकेट प्रेमियों के बीच शमी की वापसी को लेकर भी काफी उत्सुकता देखने को मिलती है।
मेरा काम मेहनत करना है, बाकी भगवान के हाथ में
शमी ने अपनी वापसी को लेकर बेहद संतुलित नजरिया रखा। उन्होंने कहा कि वह अपनी तरफ से पूरी मेहनत करते रहेंगे और बाकी चीजों को भगवान पर छोड़ देंगे।
“मेरा काम सिर्फ कड़ी मेहनत करना है। इसके अलावा बाकी सब कुछ भगवान के हाथ में है।”